नवरात्रि पूजा विधि – किस दिन कौन सी देवी की पूजा करें

नवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है, जो मां दुर्गा के 9 स्वरूपों (नवदुर्गा) को समर्पित होता है। इन नौ दिनों में हर दिन एक अलग देवी की पूजा की जाती है और हर देवी का विशेष महत्व होता है।

यह पर्व भक्ति, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। सही विधि से पूजा करने पर जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है।


🪔 नवरात्रि पूजा की शुरुआत कैसे करें (घटस्थापना)

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना (घटस्थापना) की जाती है।

विधि:

  • एक साफ स्थान पर मिट्टी रखें और उसमें जौ बोएं
  • तांबे या मिट्टी के कलश में जल भरें
  • उसमें सुपारी, सिक्का और आम के पत्ते डालें
  • नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कलश पर रखें
  • माता दुर्गा का आह्वान करें

🌼 9 दिन – 9 देवियाँ और उनकी पूजा विधि


🌼 पहला दिन – माँ शैलपुत्री

महत्व: शक्ति और स्थिरता की देवी
भोग: घी
मंत्र: ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः

पूजा विधि:
घी का भोग लगाकर माता से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।


🌼 दूसरा दिन – माँ ब्रह्मचारिणी

महत्व: तप और त्याग की देवी
भोग: मिश्री / चीनी
मंत्र: ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः

पूजा विधि:
घी का दीपक जलाएं और धैर्य व ज्ञान की कामना करें।


🌼 तीसरा दिन – माँ चंद्रघंटा

महत्व: साहस और वीरता
भोग: दूध / खीर
मंत्र: ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः

पूजा विधि:
घंटी बजाकर पूजा करें, जिससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।


🌼 चौथा दिन – माँ कूष्मांडा

महत्व: सृष्टि की रचयिता
भोग: मालपुआ
मंत्र: ॐ देवी कूष्मांडायै नमः

पूजा विधि:
दीपक जलाकर माता को प्रसन्न करें और स्वास्थ्य की कामना करें।


🌼 पाँचवां दिन – माँ स्कंदमाता

महत्व: मातृत्व और संतान सुख
भोग: केला
मंत्र: ॐ देवी स्कंदमातायै नमः

पूजा विधि:
संतान की सुख-समृद्धि के लिए पूजा करें।


🌼 छठा दिन – माँ कात्यायनी

महत्व: विवाह और साहस
भोग: शहद
मंत्र: ॐ देवी कात्यायन्यै नमः

पूजा विधि:
विवाह की इच्छा रखने वाले इस दिन विशेष पूजा करें।


🌼 सातवां दिन – माँ कालरात्रि

महत्व: बुराई का नाश
भोग: गुड़
मंत्र: ॐ देवी कालरात्र्यै नमः

पूजा विधि:
सरसों के तेल का दीपक जलाकर डर और नकारात्मकता दूर करें।


🌼 आठवां दिन – माँ महागौरी

महत्व: शांति और पवित्रता
भोग: हलवा-पूरी
मंत्र: ॐ देवी महागौर्यै नमः

पूजा विधि:
कन्या पूजन करें और आशीर्वाद प्राप्त करें।


🌼 नौवां दिन – माँ सिद्धिदात्री

महत्व: सिद्धि और सफलता
भोग: तिल
मंत्र: ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः

पूजा विधि:
व्रत का समापन करें और माता का आशीर्वाद लें।


🪔 रोज़ की सरल पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
  • साफ कपड़े पहनें
  • पूजा स्थान को साफ करें
  • दीपक और अगरबत्ती जलाएं
  • माता को फूल, फल और प्रसाद अर्पित करें
  • दुर्गा चालीसा या मंत्र का पाठ करें
  • अंत में आरती करें

✨ नवरात्रि का महत्व

नवरात्रि हमें सिखाती है कि अच्छाई हमेशा बुराई पर विजय पाती है। यह पर्व हमें आत्मविश्वास, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।


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